खबर के मुताबिक - बारामूला और सोपोर में पुलिस ने एक माह के दौरान 60 से अधिक पत्थरबाजों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बारामूला में पकडे़ गए पत्थरबाज कांग्रेस नेता का नाम मंजूर अहमद फाफू है। वह कस्बे के बाहरी छोर ख्वाजाबाग का रहने वाला है और उसने वर्ष 2005 में इसी क्षेत्र से बारामूला नगरपालिका के पार्षद का चुनाव बतौर कांग्रेस प्रत्याशी लड़ा था, लेकिन हार गया।
अर्थात यह कोई प्राथमिक सदस्य के द्वारा किया गया कार्य नही है, यह तो बाकायदा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडे एक अधिकारिक सदस्य का कारनामा है।
आगे समाचार कहता है - फाफू की गिरफ्तारी की पुष्टि प्रदेश कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी मोंगा ने भी की है। अर्थात शक की कोई गुन्जाईश नही।
अब देखना यह है कि किसी भी हिन्दु नामधारी संगठन के किसी गलत काम से जुडे होने पर RSS पर प्रतिबन्ध लगाने के लिये धरती आसमान एक कर देने वाले कांग्रेसी (विषेश्कर गिग्भ्रमित सिंह) क्या कहते / करते है? अभी तक तो यह श्री राम सेना के काम के लिये भी RSS पर प्रतिबन्ध कि वकालत करते रहे हैं, जिसका संघ से दूर दूर का कोइ वास्ता नही है। साथ ही आज़मगढ के दोषियों को दोष सिद्ध होने तक मासूम होने कि वकालत करने वाले दिग्भ्रमित सिंह (दोष सिद्ध होने के बाद अफजल का क्या किया यह एक दूसरा बडा प्रश्न है) मौका मिलते ही RSS पर प्रतिबन्ध लगाने की बात करते हैं, तब उन्हे किसी प्रकार की अदालती कार्यवाही की जरूरत महसूस नहीं होती है। आशा करते हैं कि इस बार दिग्भ्रमित सिंह अपनी मेम साहब से कह कर कांग्रेस पर प्रतिबन्ध लगवा देंगे।


3 comments:
@रविन्द्र नाथ जी जी
मैं आपको हम सबके साझा ब्लॉग का member और follower बनने के लिए सादर आमंत्रित करता हूँ
http://blog-parliament.blogspot.com/
महक
रविन्द्र जी आपने बहुत अच्छा मुद्दा उठाया है लेख कि अपनी गंभीरता भी है
बहुत-बहुत धन्यवाद
बेहतरीन लेख,
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