अब ऐसे मे सवाल उठता है कि ऐसे मे इनके प्यारे देश पाकिस्तान के लोग कटोरा ले कर ऐसी स्थिति मे कभी चीन तो कभी उ. कोरिया के सामने हथियारों के लिए क्यों खडे रहते हैं? अगर इनका धर्म ग्रन्थ इतना ही उन्नत है तो पाकिस्तान मे बाढ से निपटने के लिए पहले ही क्यों नही उससे उपाय खोज लिया? क्यों यह लोग अपने मदरसे मे ही हवाई जहाज उडाना नही सीखे और अमरीका मे जा कर प्रशिक्षण लिया फिर अमरीका के भवनों को गिराया, अर्थात नमकहरामी की।
दूसरों के ज्ञान पर हक जमाना बहुत आसान है, बाद मे तोड मरोड कर यह कहना बहुत आसान है कि यह तो पहले से ही लिखा था, अगर सच मे ज्ञान की कोई भी बात इनके धर्म ग्रन्थ मे है तो किसी दूसरे के कहने के पहले ही इनको बोलना चाहिए अन्यथा हम जानते हैं कि ऐसे चोर बहुत हैं।


13 comments:
इस तरह की तोड-मरोड पर क्या ध्यान देना।
कठोर पर सत्य वचन
इन की तो ये आदत ही है .ये धूर्तता भरी पोस्ट मैंने कुछ दिन पहले पढ़ी थी .इस में जब वह सही से ज्ञान की चोरी नही कर पाया तो लिखा भी है की अब लोग कहेंगे की कुरान का इस से क्या सम्बन्ध ?
और फिर उल जलूल बाते
बहुत ही अच्छी बात उठाई है आपने हमारे ही धर्म ग्रन्थ ज्ञान क़े भंडार है इन्ही से विश्व क़े सारे लोग अध्ययन करके वैज्ञानिक बने हुए है हमारा वेद पुरातन ज्ञान क़ा भंडार है हम उसका उपयोग नहीं कर पा रहे है
इतनी अच्छी पोस्ट क़े लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
बहुत आश्चर्यजनक है..
बहुत आश्चर्यजनक है..
बहुत आश्चर्यजनक है..
आश्चर्य की बात है...
आश्चर्य की बात है...
नीचे किये गए लिंक का लेख पढ़ कर सोचे की क्या हमारा भविष्य सुरक्षित है ?
rahulworldofdream.blogspot.com/2010/10/blog-post_20.html
कुरान बहुत "ज्ञानवाली" किताब है
उसके हिसाब से २ चंदमा है और धरती चपटी है
इसके आगे मै क्या कहू
इससे पता चल जाता है कुरान लिखने वाला कितना होसियार था
वाकई बिल्कुल ठीक फरमा रहे हैं आप!दूसरों के ज्ञान पर हक जमाना बहुत आसान है, बाद मे तोड मरोड कर यह कहना बहुत आसान है कि यह तो पहले से ही लिखा था, अगर सच मे ज्ञान की कोई भी बात इनके धर्म ग्रन्थ मे है तो किसी दूसरे के कहने के पहले ही इनको बोलना चाहिए
इतनी अच्छी पोस्ट क़े लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
वाकई बिल्कुल ठीक फरमा रहे हैं आप!दूसरों के ज्ञान पर हक जमाना बहुत आसान है, बाद मे तोड मरोड कर यह कहना बहुत आसान है कि यह तो पहले से ही लिखा था, अगर सच मे ज्ञान की कोई भी बात इनके धर्म ग्रन्थ मे है तो किसी दूसरे के कहने के पहले ही इनको बोलना चाहिए
इतनी अच्छी पोस्ट क़े लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
Bhai Sahab Namaskar
kahan in murkho ki baaton par jaate ho. Jabki hamare yahan par aisi pustako ka astitva hai jisme vigyan bahut unnat hai. Kintu kshma kijiye in logon ki burai karne se pahle hame apne dharm me phaili bahut si kuritiyon ko door karne ke bare me sochna hoga jaise murti puja, dhongi guru, kanya bhrun hatya aadi. Mera vichar hai ki hame aise prayas karne chahiye jisse ham vedo par anusandhan kar saken. Yakin maniye Vedon me gyan ka bada khajana chhupa huaa hai. Aaiye hum pahle sanskrit seekhen or vastvik dharm ke svaroop ko jane. Uske baad hamare yahan se yah sab aise hi gayab ho jayengi jaise surya ke samne andhera. Ye log Vedon ka havaala dete hai or kahte hain ki unme Gau Hatya or Pashu hatya ke bare me likha hai. Hume ye saari bhrantiya door karni hongi.
OM
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